Shayari sent from blog readers
Kash! Ye Dil ek Nadi hoti
Toh,iski Samandar jarur Tum hoti
Tairti jo Nau ban kar Yaade meri
Toh, Tum tak Pahuchna iski Majboori hoti
एक मुस्कुराहट काफी शिकवे मिटाने के लिए:
एक दवा काफी है हर रोग मिटाने के लिए
फिर क्यों नहीं एक बेटी काफी एक परिवार के सहारे केलिए
आज फिर
चाय ठंडी हो गई
आग लगे तेरी यादों को ….
कर्म तेरे अच्छे है
तो किस्मत तेरी दासी है
नियत तेरी अच्छी है
तो घर मथुरा काशी है
ये क्या सोचेंगे ? वो क्या सोचेंगे ?
दुनिया क्या सोचेगी ?
इससे ऊपर उठकर कुछ सोच, जिन्दगीं सुकून
का दूसरा नाम हो जाएगी
बेशक बहुत मोहब्बत Hai,
तुम्हारे लिए मेरे इस दिल Me
पर पता नहीं क्यू तुमकोFir
भी मै बया नहीं Kr पाती
इस प्यार के हंसी पल Me
थक गई थी सबकी परवाह कर कर के,
बड़ा सुकून सा है जब से लापरवाह हुई हूँ
मेरे बारे में सोचना मत
मैं सोच पर हावी रहता हूँ
जज़्बात पेश करना जरूर
उसकी हम क़दर करते है
अर्ज़ किया है-
आजा तेरी नज़र उतार लू ,
ये तेरी उलझी झुलफें संवार लू।
ये ज़िन्दगी कम पड़ जाएगी ,
तुझे इतना मैं प्यार दू।
दिल में बसने वाले,
बड़े अजीब होते है।
दूसरो के दिल में रहते है,
किराया भी नहीं देते है।
Arz kiya hai-
Dil me basne wale,
Bade ajeeb hote hai.
Dusro ke dil me rehte hai,
Kiraya bhi nahi dete hai.
Toh,iski Samandar jarur Tum hoti
Tairti jo Nau ban kar Yaade meri
Toh, Tum tak Pahuchna iski Majboori hoti
एक मुस्कुराहट काफी शिकवे मिटाने के लिए:
एक दवा काफी है हर रोग मिटाने के लिए
फिर क्यों नहीं एक बेटी काफी एक परिवार के सहारे केलिए
आज फिर
चाय ठंडी हो गई
आग लगे तेरी यादों को ….
कर्म तेरे अच्छे है
तो किस्मत तेरी दासी है
नियत तेरी अच्छी है
तो घर मथुरा काशी है
ये क्या सोचेंगे ? वो क्या सोचेंगे ?
दुनिया क्या सोचेगी ?
इससे ऊपर उठकर कुछ सोच, जिन्दगीं सुकून
का दूसरा नाम हो जाएगी
बेशक बहुत मोहब्बत Hai,
तुम्हारे लिए मेरे इस दिल Me
पर पता नहीं क्यू तुमकोFir
भी मै बया नहीं Kr पाती
इस प्यार के हंसी पल Me
थक गई थी सबकी परवाह कर कर के,
बड़ा सुकून सा है जब से लापरवाह हुई हूँ
मेरे बारे में सोचना मत
मैं सोच पर हावी रहता हूँ
जज़्बात पेश करना जरूर
उसकी हम क़दर करते है
अर्ज़ किया है-
आजा तेरी नज़र उतार लू ,
ये तेरी उलझी झुलफें संवार लू।
ये ज़िन्दगी कम पड़ जाएगी ,
तुझे इतना मैं प्यार दू।
दिल में बसने वाले,
बड़े अजीब होते है।
दूसरो के दिल में रहते है,
किराया भी नहीं देते है।
Arz kiya hai-
Dil me basne wale,
Bade ajeeb hote hai.
Dusro ke dil me rehte hai,
Kiraya bhi nahi dete hai.
No comments:
Post a Comment