महेफूज़ है सीने में .. पर धड़कता बहोत है .... दिल है तो क्या हुआ .नादाँ है ..... जरा सी बात पर मचलता बहोत है....
सुनो....!! शिकायत है तुम्हारी कान की बाली से.....!! ❤ जरा सी गर्दन झुकती हैं.....कमबख्त लचक कर कंधा चूम लेती है.....!! ❤ ...
एक हसीन झील नजर आती है तुम्हारी आँखे,,,,, दिल से कितनी बातें कर जाती हैं तुम्हारी आँखे,,,, यादों पर कोई पहरा लगा सकता है कैसे,,, जब याद ...