सम्भालो मुझे कि हम गिर ना जाये ख्वाबोँ का शीशा कहीँ टुट ना जाये तब तक तुम्हेँ दिलाएँगे हम अहसास प्यार का साँसो की डोरी मेरे हाथोँ से जब त...
कुछ तुम को सच से नफरत थी, कुछ हम से न बोले झूट गए, कुछ लोगों ने उकसाया तुम्हें, कुछ अपने मुक़द्दर फूट गए, कुछ खुद इतने चालाक न थे, कुछ लो...
कभी करीब तो कभी जुदा था तू; जाने किस-किस से ख़फ़ा है तू; मुझे तो तुझ पर खुद से ज्यादा यकीन था; पर ज़माना सच ही कहता था कि बेवफ़ा है तू। ...