मत पूँछ ऐ मेरे दोस्त तू हमे कितना भाता है हम ख्वाबो में भी आइना देखते है तो उसमें भी तू नज़र आता है.......
धुधंली सी इस शाम में, एक यही गुजारिश दिल की, 💕💕 टूटे एक " तारा " मेरे लिए..., और ... मांग लूं मैं तुम्हें .....बस तुम्हें .....