*दिलचस्प है....आफ़त है....क़यामत है....ग़ज़ब है...* *बात आपकी....अदा आपकी....प्यार आपका....ख़्याल आपका...*
*दिल को छूकर चुपके से,* *गुज़र जाऊंगा,* *तुम लफ़्ज़ों को पढ़ोगे,* *मैं रुह में उतर जाऊंगा....!!* ..........
लिखूँ क्या नज़्म कोई तुझ पर, गजल का खुद लिबास है, मुकम्मल इश्क़ में डूबे हुए शायर का तू लफ्ज़ ए ख़ास है...❤️.....