"आज फिर देखा किसी ने मोहब्बत भरी निगांहो से, एक बार फिर तेरी खातिर हमने अपनी निगाहें झुका ली...!".......
देखो जो आईना कभी ,,, तो जरा गौर करना ...!!! तुम खुद के कम ,,, मेरे ज्यादा लगते हो .. .!..............
1 नजर की जुस्तजू में तुझे देखता हूँ मैं ... कब तू मुझे समझेगी,बस यही सोचता हूँ मैं .....!.....................