Shayari ....तेरा जिक्र रोज करते हैं तेरा नाम लिए बगैर...........

मेरी मोहब्बत की ना सही मेरे सलीके की तो दाद दे.; तेरा जिक्र रोज करते हैं तेरा नाम लिए बगैर.....

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