Shayari ....जज़्बात को लफ़्ज़ों में ना ढ़ाला करे कोई.......

अल्फ़ाज़ गिरा देते हैं, ज़ज्बात की कीमत..... .... ... .. . जज़्बात को लफ़्ज़ों में ना ढ़ाला करे कोई....

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