Shayari...*एक मुद्दत हो गई है* *इन आँखों को रोजा रखे हुए*......

आओ की तुम्हें देखकर* *इफ्तार कर लें हम*.... *एक मुद्दत हो गई है* *इन आँखों को रोजा रखे हुए*...

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