Shayari.....नशा है तुम्हारी चाहत का या इक ख़ुमार-सा है...!!!!.....

कुछ तो है कहीं, ये जो थोड़ा प्यार-सा है...!! नशा है तुम्हारी चाहत का या इक ख़ुमार-सा है...!!!!