Shayari....तुझे जी भर के देखने में; सच आफत बहुत है।।....

धड़कनें सम्भालूँ.. या साँसें करूँ काबू में...; तुझे जी भर के देखने में; सच आफत बहुत है।।.....

Tags :

No comments:

Post a Comment