Shayari......ज़िंदगी दो पड़ावों की कश्मकश में गुज़रती चली जाती है,

ज़िंदगी दो पड़ावों की कश्मकश में गुज़रती चली जाती है, 1. अभी उम्र नहीं 2. अब उम्र नहीं।.....

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