Shayari.....ख़्वाहिश... वजह तुम बनो, सिर्फ़ तुम!.....

तलब... सिर्फ एक मुस्कुराहट की, ख़्वाहिश... वजह तुम बनो, सिर्फ़ तुम!.....

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