Shayari....आहट थी तुम्हारे कदमो की, जो सुनता रहा मन........

आहट थी तुम्हारे कदमो की, जो सुनता रहा मन.. ..जब अॉंख खुली तो, ख़्यालो मे थे हम...!!.....

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