Shayari.....कुछ यूँ चाहो, कि तेरे लकीरों में हमें लिखने को ख़ुदा भी मजबूर हो जाये..

यूँ न चाहो हमें की मोहब्बत को खुद पर गुरुर हो जाये, कुछ यूँ चाहो, कि तेरे लकीरों में हमें लिखने को ख़ुदा भी मजबूर हो जाये......

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