तुम बिन एक बूंद हूं, तुम मिलो तो सागर बन जाऊं । तुम बिन मैं इक धागा हूं, तुम मिलो तो चादर बन जाऊं। तुम बिन मैं एक कागज हूं, तुम मिलो तो किताब बन जाऊं । तुम बिन मैं एक शब्द हूं, तुम मिलो तो प्रेमग्रंथ जाऊं । तुम बिन मैं एक दुआ हूं, तुम मिलो तो इबादत बन जाऊं।.....
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