यूँ न चाहो हमें की मोहब्बत को खुद पर गुरुर हो जाये, कुछ यूँ चाहो, कि तेरे लकीरों में हमें लिखने को ख़ुदा भी ...
तुम बिन एक बूंद हूं, तुम मिलो तो सागर बन जाऊं । तुम बिन मैं इक धागा हूं, तुम मिलो तो चादर बन जाऊं। तुम बिन मैं एक कागज हूं, तुम मिल...
एक तिल का पहरा भी जरुरी है लबो के आसपास ... मुझे डर है कहीं तेरी मुस्कुराहट को कोई नज़र न लगा दे ... !!